1. mistupoddar056@gmail.com : Bangla : Bangla
  2. admin@jatiyokhobor.com : jatiyokhobor :
  3. suhagranalive@gmail.com : Suhag Rana : Suhag Rana
রবিবার, ২৬ সেপ্টেম্বর ২০২১, ০৩:০৮ পূর্বাহ্ন
শিরোনাম :
ধন্যবাদ জানাই  গুগলকে আমাদের প্রচেষ্টাকে সম্মান করার জন্য পৃথিবীর অভ্যন্তরীণ গতিবিধি থেকে নতুন সিদ্ধান্ত নিয়েছেন বিজ্ঞানিরা করোনার ভ্যাকসিনের বিশ্বব্যাপী বিতরণ শুরু দ্রুত ভ্রমণের জন্য মহাকাশে হাই বে পথও আছে ভিটামিন ডি করোনার মৃত্যুর ঝুঁকি হ্রাস করে গবেষণায় জানা গেছে জীবনের অনেক চিহ্ন এখনও মঙ্গল গ্রহের পরিবেশে বিদ্যমান অক্সিজেনের সাহায্যে বয়সকে মাত দিতে চলেছেন বিজ্ঞানিরা এর ডানার বিস্তার ছিল বিশ ফুট ছিলো প্রাগতৈহাসিক যুগে গুরু এবং শনি একে অপরের নিকটে আসছে হত্যা চেষ্টা মামলার আসামী নিশির সাথে কেন্দ্রীয় ছাত্রলীগের সেক্রেটারি লেখকের অনৈতিক সম্পর্কের অভিযোগ রাশিয়ান বিজ্ঞানী কে হত্যা করা হয়েছে করোনার ভ্যাকসিনের সাথে যুক্ত ছিলেন গুদামে সরবরাহিত চিনি জেলা প্রশাসক অফিসে জানানো হবে মানসিক হয়রানি তদন্ত এবং দুই ব্যক্তির বিরুদ্ধে ব্যবস্থা নেওয়া ভারতীয় সেনাবাহিনীর ইউনিফর্ম পরিবর্তন করা হবে চিকিত্সার অভাবে মারা গেল লাপুংয়ের কেওয়াত টালির দরিদ্র শ্রমিক

बतौर खलनायक करियर शुरु कर नायक बने विनोद खन्ना

Reporter Name
  • পোষ্ট করেছে : Sunday, 6 October, 2019
  • ২৬ জন দেখেছেন

(जन्मदिवस 06 अक्तूबर के अवसर पर)

मुबईः बतौर खलनायक अपने करियर का आगाज कर नायक के रूप में

फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले सदाबहार अभिनेता

विनोद खन्ना ने अपने अभिनय से दर्शको के बीच अपनी अमिट पहचान बनायी।

छह अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने स्रातक की शिक्षा मुंबई से की।

इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का अवसर मिला।

सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म ..मन का मीत ..के लिये नये चेहरों की तलाश कर रहे थे।

उन्होंने फिल्म में विनोद खन्ना के समक्ष बतौर सह-नायक काम करने की पेशकश की जिसे विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

घर पहुंचने पर विनोद खन्ना को अपने पिता से काफी डांट भी सुननी पड़ी।

विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में कहा

तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा ..यदि तुम फिल्मों में गये

तो तुम्हें गोली मार दूंगा।

बाद में विनोद खन्ना की मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना

को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की इजाजत देते हुये कहा

यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होगे हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा।

वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म ..मन का मीत ..टिकट खिड़की पर हिट साबित हुयी।

फिल्म की सफलता के बाद विनोद खन्ना को आन मिलो सजना .मेरा गांव

मेरा देश .सच्चा झूठा जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिकायें निभाने का

अवसर मिला लेकिन इन फिल्म की सफलता के बावजूद विनोद खन्ना को

कोई खास फायदा नहीं मिला।

बतौर खलनायक से नायक बनने वाले कम कलाकार है

विनोद खन्ना इस हिंदी फिल्मी जगत के अन्यतम वैसे कलाकार हैं,

जो बतौर खलनायक अपना करियर प्रारंभ करने के बाद सफलतापूर्वक

नायक की भूमिका तक पहुंचे। बतौर नायक भी उन्होंने कई हिट फिल्में दीं।

वैसे हिट फिल्मों के मुकाबले उनके ग्रे शेड्स की भूमिकाओं के बारे में

आज भी ज्यादा चर्चा होती है और उनके डॉयलाग भी बोले जाते हैं।

कुछ इसी तरह शत्रुध्न सिन्हा भी फिल्मी जीवन में ऐसा बदलाव कर पाने में कामयाब रहे हैं।

Please Share This Post in Your Social Media

More News Of This Category

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ব্রেকিং নিউজ
Bengali English Hindi