1. mistupoddar056@gmail.com : Bangla : Bangla
  2. admin@jatiyokhobor.com : jatiyokhobor :
  3. suhagranalive@gmail.com : Suhag Rana : Suhag Rana
শনিবার, ১৯ জুন ২০২১, ১০:০৭ অপরাহ্ন
শিরোনাম :
ধন্যবাদ জানাই  গুগলকে আমাদের প্রচেষ্টাকে সম্মান করার জন্য পৃথিবীর অভ্যন্তরীণ গতিবিধি থেকে নতুন সিদ্ধান্ত নিয়েছেন বিজ্ঞানিরা করোনার ভ্যাকসিনের বিশ্বব্যাপী বিতরণ শুরু দ্রুত ভ্রমণের জন্য মহাকাশে হাই বে পথও আছে ভিটামিন ডি করোনার মৃত্যুর ঝুঁকি হ্রাস করে গবেষণায় জানা গেছে জীবনের অনেক চিহ্ন এখনও মঙ্গল গ্রহের পরিবেশে বিদ্যমান অক্সিজেনের সাহায্যে বয়সকে মাত দিতে চলেছেন বিজ্ঞানিরা এর ডানার বিস্তার ছিল বিশ ফুট ছিলো প্রাগতৈহাসিক যুগে গুরু এবং শনি একে অপরের নিকটে আসছে হত্যা চেষ্টা মামলার আসামী নিশির সাথে কেন্দ্রীয় ছাত্রলীগের সেক্রেটারি লেখকের অনৈতিক সম্পর্কের অভিযোগ রাশিয়ান বিজ্ঞানী কে হত্যা করা হয়েছে করোনার ভ্যাকসিনের সাথে যুক্ত ছিলেন গুদামে সরবরাহিত চিনি জেলা প্রশাসক অফিসে জানানো হবে মানসিক হয়রানি তদন্ত এবং দুই ব্যক্তির বিরুদ্ধে ব্যবস্থা নেওয়া ভারতীয় সেনাবাহিনীর ইউনিফর্ম পরিবর্তন করা হবে চিকিত্সার অভাবে মারা গেল লাপুংয়ের কেওয়াত টালির দরিদ্র শ্রমিক

कोयले के अभाव में छत्तीसगढ़ में 7500 मेगावाट के पावर प्लांट बन्द

Reporter Name
  • পোষ্ট করেছে : Sunday, 6 October, 2019
  • ১১ জন দেখেছেন

रायपुरः कोयले के अभाव में छत्तीसगढ़ के कई बड़े पावर प्लांटों की इकाइयों को बंद करना पड़ा है।

मोदी सरकार के मंदी से उद्योग जगत को उबारने की चल रही कवायदों के बीच

देश के कोयला उत्पादक राज्यों में अग्रणी छत्तीसगढ़ में कोयले के अभाव के चलते लगभग

7500 मेगावाट के बिजली संयंत्र(पावर प्लांट) में उत्पादन ठप्प हैं।

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ(फिक्की)की छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष प्रदीप टंडन ने

कहा कि केन्द्र की नई कोयला नीति के तहत राज्य के अधिकांश कोल ब्लाक

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को आवंटित कर दिए गए है,

जिसकी वजह से राज्य के निजी क्षेत्र के पावर प्लांटों को उनकी जरूरत के मुताबिक कोयला नही मिल पा रहा है।

उन्होने बताया कि जिदंल पावर लिमिटेड के तमनार एक एवं दो पावर प्लांट की

क्षमता 3400 मेगावाट की है जबकि कोयले की कमी के चलते इस समय

उत्पादन 1700 मेगावाट हो रहा है।

डीबी पावर की क्षमता 1200 मेगावाट की है जबकि उत्पादन 652 मेगावाट हो रहा है।

राज्य के कुल 14 पावर प्लांटों में से केवल तीन में ही पूरा उत्पादन हो रहा है।

उन्होने बताया कि कोयले के अभाव के चलते औसतन 50 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित रहता है।

कोयले के अभाव की यह स्थिति अन्य राज्यों में भी

टंडन के अनुसार रायगढ़ एवं सरगुजा स्थित राज्य के पांच प्रमुख कोल ब्लाक गुजरात,महाराष्ट्र

एवं राजस्थान सरकार की बिजली कम्पनियों को आवंटित किए गए है।

रायगढ़ जिले में पड़ने वाले कोल ब्लाकों गारे पाल्मा सेक्टर एक को गुजरात गारे पाल्मा सेक्टर

दो को महाराष्ट्र तथा सरगुजा जिले में पड़ने वाले परसा कोल ब्लाक को राजस्थान राज्य विद्युत

कम्पनी को आवंटित हुआ है।

इसी तरह देश के अन्य कई हिस्सों में भी कोयला से बिजली उत्पादन करने वाले संयंत्र

इस कोयले की कमी से जूझ रहे हैं।

कुछ मामलों में माना जा रहा है कि बाढ़ और अन्य कारणों से कोयले के परिवहन के बाधित

होने की वजह से भी संयंत्रों में कोयले की यह कमी उत्पन्न हुई है।

जिन्हें दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

Please Share This Post in Your Social Media

More News Of This Category

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ব্রেকিং নিউজ
Bengali English Hindi