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धोनी के उत्तराधिकारी पंत ने कभी गुरुद्वारा में गुजारी थी रात

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  • পোষ্ট করেছে : Saturday, 5 October, 2019
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नई दिल्ली: धोनी के उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाने वाले युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत  कल

(4 अक्टूबर) अपना 22वां जन्मदिन मना रहे थे।

मौजूदा समय में खराब विकेटकीपिंग के चलते भले ही ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर नहीं

नजर आ रहे हैं लेकिन उनके टैलेंट का हर कोई कायल है।

अपनी निडर बल्लेबाजी और मैदान पर टांग खींचने के अंदाज से वह पहले ही इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में

अपनी धाक जमा चुके हैं।

आलम यह रहा है कि खुद ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रपति ने जब उनसे मुलाकात की तो यह कह कर संबोधित किया कि

आप वहीं हैं न जो ऑस्ट्रेलियाई टीम को स्लेज कर रहे हैं।

उत्तराखंड में जन्में ऋषभ पंत भले ही आज युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय नजर आ रहे हैं

लेकिन उनका दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने का सफर

काफी संघर्षपूर्ण रहा है।

रुड़की के रहने वाले ऋषभ पंत जब दिल्ली आये तो उनके पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं था

आलम यह रहा कि अपने शुरूआती दिनों में ऋषभ पंत ने गुरुद्वारे में रहकर दिन गुजारे

मुश्किल परिस्थितियों में हार न मानने की कला शायद पंत ने यहीं रहकर सीखी होगी।

पिता की मौत के बाद ऐसे की क्रिकेट में वापसी खेल के प्रति ऋषभ पंत के समर्पण का अंदाजा

इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब साल 2017 में उनके पिता का देहांत हो गया

तो वह आईपीएल में दिल्ली के लिए खेल रहे थे।

पिता की मौत के बाद ऋषभ ने ना सिर्फ खुद को संभाला बल्कि परिवार को मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाया

और अंतिम संस्कार करने के 2 दिन बाद दिल्ली की टीम से वापस जुड़े और मैच खेला।

मैदान पर उन्होंने 33 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी।

धोनी को भी कई मामलों में पीछे छोड़ा है ऋषभ ने

अपने आदर्श महेंद्र सिंह धोनी के बाद टीम इंडिया में उनकी जगह लेने की जिम्मेदारी ऋषभ पंत के कंधों पर है।

ऐसे में ऋषभ इसे बखूबी निभाने की कोशिश भी कर रहे हैं।

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 50 बल्लेबाजों को

सबसे तेजी से आउट करने के मामले में अपने आदर्श एमएस धोनी को भी पीछे छोड़ दिया है।

वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बनें। ऋषभ पंत ने यह कमाल महज 11 टेस्ट पारियों में किया

जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने 15 टेस्ट मैच में यह आंकड़ा छुआ था।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले

विकेटकीपर का विश्व रिकॉर्ड ऋषभ पंत ने अपने नाम किया था,

इस मैच में ऋषभ पंत ने 11 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के कैच लपके थे।

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