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उच्चतम न्यायालय से देवेन्द्र फड़णवीस को लगा झटका

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  • পোষ্ট করেছে : Thursday, 3 October, 2019
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नयी दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस

को झटका देते हुए कहा कि निचली अदालत श्री फड़णवीस के खिलाफ दायर मुकदमे पर

नये सिरे से विचार करे।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय

के फैसले को निरस्त करते हुए यह आदेश दिया।

उच्च न्यायालय ने सतीश उइके की वह याचिका खारिज कर दी थी कि

जिसमे उन्होंने श्री फड़णवीस द्वारा चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों की

जानकारी छुपाने के लिए उनका चुनाव रद्द करने की मांग की थी।

इसके बाद श्री उइके ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि फडणवीस ने वर्ष 2014 विधानसभा में

अपने ऊपर विचाराधीन दो आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाई थी।

गौरतलब है कि श्री फड़णवीस पर सन 2014 के चुनावी हलफनामे में

दो आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाने का आरोप है।

ये दो मुकदमे नागपुर के हैं जिनमें एक मानहानि का और दूसरा ठगी का है।

उच्चतम न्यायालय ने फैसला देकर चुनाव में गरमी ला दी

याचिका में फड़णवीस को अयोग्य करार देने की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान श्री फड़णवीस की ओर से कहा गया था कि

मुख्यमंत्री एवम् राजनीतिक लोगों के खिलाफ 100 मुकदमे रहते हैं।

किसी के चुनावी हलफनामे में न देने पर कार्रवाई नहीं हो सकती।

वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में

जानकारी छिपाई है इसलिए कार्रवाई होनी चाहिए।

न्यायालय ने पूछा था कि जानकारी जानबूझकर छिपाई गई या फिर गलती से हुआ,

इस मामले को क्यों न ट्रायल के लिए भेजा जाए।

अब उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी निश्चित तौर पर गर्मी आयेगी।

यहां भाजपा और शिवसेना साथ मिलकर राजग खेमा से चुनाव मैदान में हैं।

दूसरी तरफ यूपीए की तरफ से कांग्रेस और एनसीपी का बराबर सीटों पर पहले ही तालमेल हो चुका है।

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