1. mistupoddar056@gmail.com : Bangla : Bangla
  2. admin@jatiyokhobor.com : jatiyokhobor :
  3. suhagranalive@gmail.com : Suhag Rana : Suhag Rana
শনিবার, ২৪ জুলাই ২০২১, ০৮:১৩ পূর্বাহ্ন
শিরোনাম :
ধন্যবাদ জানাই  গুগলকে আমাদের প্রচেষ্টাকে সম্মান করার জন্য পৃথিবীর অভ্যন্তরীণ গতিবিধি থেকে নতুন সিদ্ধান্ত নিয়েছেন বিজ্ঞানিরা করোনার ভ্যাকসিনের বিশ্বব্যাপী বিতরণ শুরু দ্রুত ভ্রমণের জন্য মহাকাশে হাই বে পথও আছে ভিটামিন ডি করোনার মৃত্যুর ঝুঁকি হ্রাস করে গবেষণায় জানা গেছে জীবনের অনেক চিহ্ন এখনও মঙ্গল গ্রহের পরিবেশে বিদ্যমান অক্সিজেনের সাহায্যে বয়সকে মাত দিতে চলেছেন বিজ্ঞানিরা এর ডানার বিস্তার ছিল বিশ ফুট ছিলো প্রাগতৈহাসিক যুগে গুরু এবং শনি একে অপরের নিকটে আসছে হত্যা চেষ্টা মামলার আসামী নিশির সাথে কেন্দ্রীয় ছাত্রলীগের সেক্রেটারি লেখকের অনৈতিক সম্পর্কের অভিযোগ রাশিয়ান বিজ্ঞানী কে হত্যা করা হয়েছে করোনার ভ্যাকসিনের সাথে যুক্ত ছিলেন গুদামে সরবরাহিত চিনি জেলা প্রশাসক অফিসে জানানো হবে মানসিক হয়রানি তদন্ত এবং দুই ব্যক্তির বিরুদ্ধে ব্যবস্থা নেওয়া ভারতীয় সেনাবাহিনীর ইউনিফর্ম পরিবর্তন করা হবে চিকিত্সার অভাবে মারা গেল লাপুংয়ের কেওয়াত টালির দরিদ্র শ্রমিক

राकेश अस्थाना को क्लीन चिट देना अब महज औपचारिकता

Reporter Name
  • পোষ্ট করেছে : Saturday, 5 October, 2019
  • ২৬ জন দেখেছেন
  • सीबीआई जांच में बेदाग साबित होंगे पूर्व अतिरिक्त निदेशक

  • घूसखोरी की जांच का आदेश दिया था निदेशक ने

  • दोनों के घमासान में हिल गयी थी पूरी सरकार

  • आलोक वर्मा के बयान से लोगों का ध्यान गया

रासबिहारी

नईदिल्लीः राकेश अस्थाना को क्लीन चिट देना अब महज एक औपचारिकता बची है।

अगले कुछ दिनों में यह भी पूरी कर ली जाएगी।

दरअसल सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ जांच की रिपोर्ट दाखिल किये जाने के बाद क्या कुछ होता है,

इस पर दिल्ली के अफसरों की नजर लगी हुई है।

अनेक लोग इसे राजनीतिक हस्तक्षेप का फैसला पहले ही मान चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई में असली विवाद पूर्व निदेशक आलोक वर्मा और अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना के बीच हुआ था।

राकेश अस्थाना के खिलाफ घूसखोरी के मामले की जांच के आदेश देते ही सत्ता के गलियारे में हंगामा हो गया था।

उसके बाद से आनन फानन में दोनों को वहां से हटाया गया था।

बाद में कई घटनाक्रमों की वजह से आलोक वर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

आलोक वर्मा के बयान के बाद लोगों का ध्यान गया

अभी हाल ही में एक चैनल द्वारा अचानक आलोक वर्मा के खिलाफ एक रिपोर्ट चलाने जाने के बाद लोगों को यह भूली हुई बात याद आ गयी थी।

यूं तो आलोक वर्मा ने इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रपति को कोई चिट्ठी लिखी ही नहीं गयी थी।

आलोक वर्मा के यह बयान ही दिल्ली दरबार के अफसरों को सतर्क कर गया था।

इसके बाद पूरे मामले की फिर से जब समीक्षा की गयी तो यह नई जानकारी सामने आयी।

इसके तहत सीबीआई अपने पूर्व अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना को बेदाग साबित करने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

इसकी औपचारिक रिपोर्ट शीघ्र ही दाखिल कर दी जाएगी।

मामला दोबारा से चर्चा में आने के बाद यह पता चला कि दरअसल इस मामले के जांच अधिकारी

एसपी सतीश डागर ने अगस्त में भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन दिया था। उनका आवेदन विचारार्थ है।

लिहाजा वह अब जांच से संबंधित कोई भी काम नहीं देख रहे हैं।

उन्होंने जो रिपोर्ट सौंपी गयी उसमें क्या कुछ है, यह स्पष्ट नहीं है।

दूसरी तरफ अनुभवी अफसर मानते हैं कि घटनाक्रम ही यह दर्शा रहे हैं कि सीबीआई ने पहले से ही

राकेश अस्थाना को बेदाग साबित करने की पूरी तैयारी कर ली है।

उस मामले से जुड़े सारे पुराने अधिकारियों को बदल दिया गया है।

राकेश अस्थाना मामले के सारे पुराने अधिकारी बदले गये हैं

अब सीबीआई के वर्तमान निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला को इस पर अंतिम फैसला लेना है।

यह फैसला क्या होने वाला है, यह अभी से ही स्पष्ट हो चुका है।

लेकिन दिल्ली के अफसरों की रूचि इस बात को देखने और समझने को लेकर है कि

घूसखोरी की जांच रिपोर्ट में बेदाग बताये जाने के बाद क्या वर्तमान सरकार फिर से राकेश अस्थाना को

सीबीआई में लाती है अथवा नहीं।

कुछ लोग मानते हैं कि एजेंसी से हटाये जाने के बाद इस सीबीआई में भी काफी कुछ उथल पुथल हो चुका है।

ऐसे में राकेश अस्थाना का दोबारा यहां आना सरकार के लिए नई परेशानियों को जन्म दे सकता है।

Please Share This Post in Your Social Media

More News Of This Category

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ব্রেকিং নিউজ
Bengali English Hindi